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नृवनस्पति अध्ययन

भारत की 563 जनजातियों में खाद्य र्इंधन, चारा, वस्त्र, स्वास्थ्य रक्षा एवं अन्य मदों के लिए वन्य पौधों के उपयोग के अभिलेखन - प्रलेखन शूरु किए गए है। इनके गहन अध्ययन से जैव संसाधनों के सतत उपयोग तथा परम्परागत ज्ञान के प्रलेखन की संभावना है।

पिछला परिवर्तन : 20/09/2017