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वनस्पतिजातीय एवं टैक्सोनामिक अध्ययन

  • राष्ट्रीय/राज्य/जिला वनस्पतिजात, भंगुर पारितंत्र की प्रस्तुति तथा कुलों/जेनेरा/ट्राइबों पर पुनरीक्षण अध्ययन हेतु सर्वेक्षण द्वारा अभी तक किए गए टैक्सोनामिक अध्ययन के फलस्वरूप भारत के लिए नए लगभग 1500 टैक्सा तथा विज्ञान के लिए नए लगभग 700 टैक्सा की खोज हुई है। इनमें 26 नए जेनेरा है; जैसे सेशगिरिया, एमिस्कोफोलिस, जेनेकिया, पाएला, जैनिया, निकोबेरिडेंड्रन, सांतापाउआ, अवस्थिएला, कंजारौम, चन्द्रशेखरेनिया, एन्हेनरिया, ब्रोकिकॉलस, साइलेंटवेलेया, कुंस्ट्लेरिया, इंडोट्रिस्टिका, कुर्जिओडेंड्रन आदि।
  • भारत के वनस्पतिजात हेतु 100 से आदिक कुलों (भारत में व्याप्त लगभग 300 में से) के टैक्सोनामिक विवरण पूरे हो गये है। 86 से अधिक कुलों के विवरण ‘ भारत के वनस्पतिजात’ खंड 1-5, 12, 13 में प्रकाशित हुए हैं। ‘भारत के वनस्पतिजात’ खंड 6-7 में लगभग 3 कुल प्रकाशन के क्रम में है। ‘भारत के वनस्पतिजात’ के लिए 45 कुलों (कुछ अंशत: ) पर पुनरीक्षण अध्ययन फेसिकल्स (1-24) के रूप में प्रकाशित किये गये हैं।
  • तामिलनाडु, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय एवं उत्तर प्रदेश के राज्य वनस्पतिकाट विश्लेषण प्रकाशित हो गये हैं। त्रिपुरा, गोवा, दमन एवं दिउ, दादरा एवं नगर हवेली, राजस्थान, सौराष्ट्र, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब के राज्य वनस्पतिजात प्रकाशित हो गये हैं। मणिपुर, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह एवं पश्चिम बंगाल के वनस्पतिजात आंशिक रूप से प्रकाशित हुए हैं। मिजोरम, जम्मू व कश्मीर प्रकाशन के क्रम में है। अनेक जिला वनस्पतिजात प्रकाशित किए गए हैं।
  • अपुष्पी पौधों, विशेषत: क्रिप्टोगेम्स के अध्ययन में सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण अवदान है। इनमें प्रमुख हैं ब्रायोफाइटस के आर्डर हिप्नोबायेल्स, सब आर्डर हिमालय के लेस्किनी; हिमालय क्षेत्र के भारतीय लिवरवर्ट्स के नोटोथाइलेसी: टेरिडोफाइट्स; फंजाइ आर्डर: एफीलोरेल्स; पूर्वी हिमालय के रेड एल्गी एवं लाइकेन फ्लोरा ।
पिछला परिवर्तन : 17/11/2017